ऐसा करेंगे तो असंभव केवल एक शब्द रह जाएगा

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Published: Mon, 13 Feb 2017 10:28 AM (IST) | Updated: Mon, 13 Feb 2017 11:50 AM (IST)

By: Editorial Team

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ब्रिटेन में एक डॉक्टर थे ‘रॉजर बैनिस्टर’। उन्हें जब भी समय मिलता, तब वह दौड़ने का अभ्यास करने में जुट जाते। दिलचस्प बात यह थी कि उन दिनों तक कोई भी तेज धावक एक मील की दौड़ चार मिनट से कम में पूरी नहीं कर पाया था। यह बात जब रॉजर ने अपने दोस्त से सुनी तो उन्होंने कहा, लेकिन कोशिश करते रहने से यह सब कुछ संभव है।

जब यह बात चली तो वहां एक अन्य डॉक्टर भी मौजूद थे वह बोले, मि. रॉजर इंसान के फेफड़ों में इतनी शक्ति नहीं है कि वह बहुत तेजी से दौड़ सके। तब रॉजर ने कहा, मैं एक मील की दौड़ चार मिनट से कम में पूरी करके दिखाऊंगा, बस आप मुझे कुछ समय दीजिए।’

इसके बाद फिर रॉजर और डॉ. दोनों ही इस बात का बेसब्री से इंतजार करने लगे कि देखें किसकी बात सच साबित होती है। रॉजर ने दिन-रात अभ्यास करना शुरू कर दिया।

और वह दिन आ ही गया जब रॉजर को अपने कहे वाक्यों को सही साबित करना था। इतिहास रचने में कुछ समय ही बाकी था। दौड़ शुरू हुई। रॉजर ने एक मील की दौड़ 3 मिनट 59.4 सेकंड में पूरी कर डाली।

रॉजर के विरोधी उनकी तरफ हिकारत भरी नजरों से देख रहे थे, तो उनके प्रशंसक रॉजर को गले लगाने के लिए बेताब थे। रॉजर ने ऐसा कारनामा कर दिखाया था।

जिसके बारे में लोग सोच भी नहीं सकते थे। यह सब कुछ रॉजर के नियमित अभ्यास और सच्ची लगन के जरिए ही संभव हुआ।

संक्षेप में

यदि इंसान ठान ले कि मुझे अपना लक्ष्य हासिल करना है। तो उसे कोई नहीं रोक सकता। बशर्ते उसे चाहिए अपने प्रति ईमानदारी, सच्ची लगन और नियमित अभ्यास। यदि कोई भी इंसान ऐसा करता है तो उसके लिए असंभव एक शब्द ही रह जाएगा।

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