खामियां तो सभी में, केवल खूबियों का जश्न मनाओ

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Published: Sat, 11 Feb 2017 05:08 PM (IST) | Updated: Mon, 13 Feb 2017 09:41 AM (IST)

By: Editorial Team

be-happy 11 02 2017

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– स्वामी सुखबोधानंद

अपनी खामियों के बारे में चिंतित न रहो बल्कि अपनी खूबियों का जश्न मनाओ। हर किसी में खामी होती है लेकिन उनके बावजूद बेहतर काम करने पर ध्यान होना चाहिए। छोटी या बड़ी जैसी भी भूमिका है उसे दिल से करो और आप पाओगे कि छोटी जगह पर भी आपकी तारीफ होती है।

आजकल लोग यह सोचते हैं कि मैं जो चाहता हूं वह पा लूंगा तो मैं खुश हो जाऊंगा। तो उस मोड़ पर लोगों को यह पता होता है कि उन्हें क्या चाहिए और वे यह निष्कर्ष भी निकाल लेते हैं कि उन्हें क्या चाहिए। लेकिन जब तक लोग अपनी मनचाही चीज हासिल करते हैं वे फिर से असंतुष्ट हो जाते हैं।

दरअसल अगर व्यक्ति अपनी असंतुष्टि की वजह तलाशे तो पाएगा कि वह दूसरों से तुलना करता है और इसी कारण असंतुष्टि महसूस करता है।

जब व्यक्ति यह नहीं देख पाता है उसके पास कितनी खूबसूरत चीजें हैं और वह भाग्यवान है तो वह दुखी होता है। उसे दुख मनाने नहीं बल्कि खुशी मनाने की जरूरत है कि उसके भीतर बहुत सी ऐसी बातें हैं जो उसे अच्छा महसूस करने का मौका देती हैं।

एक सुंदर जेन कथा से इसे समझते हैं। एक समुराई एक दिन जेन गुरु के पास गया। गुरु के पास जो भी लोग आ रहे थे वे गुरु के चरणों में शीश नवा रहे थे। यह देखकर समुराई को लगा कि गुरु की बड़ी महत्ता है और वह उनकी तुलना में कितना छोटा है।

गुरु जान गए कि समुराई अपनी ही नजरों में खुद को कमतर पा रहा है। उन्होंने उसे पास बुलाया और कहा उस चंद्रमा की तरफ देखो, वह धरती से कितनी दूर है और कितनी अद्भुत चमक बिखेर रहा है।

दूसरी तरफ उन्होंने एक गुलाब की तरफ इशारा करते हुए कहा कि अब इस गुलाब को देखो, यह धरती पर है और चंद्रमा से इसका अस्तित्व भी छोटा है लेकिन फिर भी यह अपना काम कर रहा है। यह खुशबू दे रहा है जो सभी को लुभा रही है। दोनों का ही अपना-अपना महत्व है।

इस कथा का महत्व तुम्हें अपने भीतर की खूबी से परिचित करवाना है। बहुत सारे लोग जो किसी न किसी दफ्तर में काम करते हैं भले ही वह छोटा काम करें या बड़ा लेकिन उनका महत्व होता है। हर किसी की अपनी खूबी होती है।

व्यक्ति दूसरे को देखकर अपने महत्व को कमतर आंकता है और दुखी होता है। लेकिन इस तरह खुद को दुखी करने के बजाय हमें खुश होना चाहिए कि हर कोई अपना काम कर रहा है।

तुलना का जीवन में कभी अंत नहीं है। आप तुलना किए बिना भी सफलता पा सकते हैं इसलिए उससे बचकर रहें। बिना तुलना के जो लोग सफलता की तरफ बढ़ते हैं वे ज्यादा ठीक रास्ते पर चल रहे हैं। तभी आप जीवन की सुंदरता को देख पाते हैं।

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